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Sunday, 25 January 2026

 

26 जनवरी — सोचने का दिन, केवल मनाने का नहीं

गणतंत्र दिवस विशेष | जनता के नाम संदेश

हर वर्ष 26 जनवरी आती है। झंडे फहराए जाते हैं, परेड होती है, मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं।

और फिर जीवन अपनी गति से आगे बढ़ जाता है।

लेकिन 26 जनवरी केवल उत्सव का दिन नहीं है।

यह आत्मचिंतन का दिन है।

26 जनवरी 1950 को भारत ने यह निर्णय लिया कि सत्ता कुछ लोगों के हाथों में नहीं, बल्कि जनता के हाथों में होगी।

गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता मिलने का दिन नहीं है।

यह जिम्मेदारी स्वीकार करने का दिन है।

जिम्मेदारी— अन्याय के विरुद्ध बोलने की, समानता की रक्षा करने की, और संविधान को अपने जीवन में उतारने की।

गणतंत्र भाषणों से नहीं, जागरूक नागरिकों से जीवित रहता है।

गणतंत्र का भविष्य हमारे रोज़मर्रा के निर्णयों में छिपा है।

— 26 जनवरी विशेष | जनता के नाम संदेश

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