📘 19 फरवरी 2026 – दैनिक समसामयिकी (हिंदी)
📊 Page 2 – विस्तृत विश्लेषण (Detailed Analysis)
विषय 1: भारत सेमीकंडक्टर मिशन – आत्मनिर्भरता से वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक
वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर उद्योग वर्तमान में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन चुका है। अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी वर्चस्व की होड़ के बीच भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण में निवेश और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
भारत का उद्देश्य केवल घरेलू मांग की पूर्ति करना नहीं है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित होना भी है।
रणनीतिक महत्व:
- डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़
- रक्षा एवं अंतरिक्ष अनुसंधान में उपयोग
- AI, 5G, IoT और ऑटोमोबाइल उद्योग में अनिवार्यता
- राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा संबंध
चुनौतियाँ:
- उच्च पूंजी निवेश
- तकनीकी विशेषज्ञता की कमी
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा
- आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता
विषय 2: ग्लोबल साउथ नेतृत्व – भारत की रणनीतिक स्वायत्तता
बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत ने ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ (Strategic Autonomy) को अपनी विदेश नीति का केंद्रीय तत्व बनाया है।
ग्लोबल साउथ देशों के लिए भारत ने जलवायु वित्त, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण और वैश्विक वित्तीय सुधार जैसे मुद्दों पर नेतृत्व किया है।
भारत की प्रमुख पहल:
- G20 के माध्यम से विकासशील देशों की आवाज़ को मंच प्रदान करना
- संयुक्त राष्ट्र सुधार की वकालत
- दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation)
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का निर्यात
UPSC Mains के लिए संभावित प्रश्न:
- बहुध्रुवीय विश्व में भारत की भूमिका का विश्लेषण करें।
- रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक संतुलन में भारत की नीति का मूल्यांकन करें।
विषय 3: हरित ऊर्जा एवं जलवायु प्रतिबद्धता
भारत ने 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य प्राप्त करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 500 GW तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
📊 आर्थिक प्रभाव:
- हरित रोजगार सृजन
- ऊर्जा आयात निर्भरता में कमी
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs) की पूर्ति
विषय 4: राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग
भारत ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए तकनीकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन समझौतों को प्राथमिकता दी है।
यह नीति ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के अनुरूप है।
- सेमीकंडक्टर = अर्थव्यवस्था + सुरक्षा
- ग्लोबल साउथ = कूटनीति + नेतृत्व
- हरित ऊर्जा = पर्यावरण + विकास
- रक्षा सहयोग = रणनीतिक मजबूती
UPSC • State PSC • Civil Services
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