विशेष विषय – भारत और ग्लोबल साउथ नेतृत्व
📘 Page 2 – रणनीतिक स्वायत्तता एवं कूटनीतिक संतुलन
🔹 रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) क्या है?
रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ है – किसी भी वैश्विक शक्ति समूह के दबाव में आए बिना राष्ट्रीय हितों के अनुसार स्वतंत्र विदेश नीति अपनाना।
- स्वतंत्र निर्णय क्षमता
- बहुध्रुवीय विश्व में संतुलित संबंध
- राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
🔹 भारत की संतुलित कूटनीति
- अमेरिका के साथ तकनीकी और रक्षा सहयोग
- रूस के साथ ऊर्जा एवं रक्षा संबंध
- यूरोप के साथ व्यापार साझेदारी
- ग्लोबल साउथ देशों के साथ विकास सहयोग
भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान संतुलित रुख अपनाया — न तो पूर्ण समर्थन, न ही खुला विरोध — बल्कि संवाद और शांति की अपील।
🔹 ग्लोबल साउथ के लिए भारत का संदेश
- विकास आधारित साझेदारी
- ऋण संकट समाधान पर सहयोग
- जलवायु न्याय की मांग
- वैश्विक संस्थानों में सुधार
🔹 बहुध्रुवीय विश्व में भारत की भूमिका
- पश्चिम और पूर्व के बीच सेतु
- विकासशील देशों की आवाज
- लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन
- नवाचार और तकनीकी साझेदारी
🔹 चुनौतियाँ
- महाशक्तियों का दबाव
- चीन का बढ़ता प्रभाव
- क्षेत्रीय संघर्ष
- आर्थिक असमानता
🎯 परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु
- रणनीतिक स्वायत्तता = स्वतंत्र विदेश नीति
- भारत = संतुलित बहुध्रुवीय शक्ति
- ग्लोबल साउथ = विकास + न्याय आधारित व्यवस्था
संभावित प्रश्न
- रणनीतिक स्वायत्तता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए भारत की भूमिका का विश्लेषण करें।
- भारत कैसे बहुध्रुवीय विश्व में संतुलन स्थापित कर रहा है?
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UPSC • State PSC • Civil Services
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