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Wednesday, 18 February 2026

 

 विशेष विषय – भारत और ग्लोबल साउथ नेतृत्व
📘 Page 2 – रणनीतिक स्वायत्तता एवं कूटनीतिक संतुलन


🔹 रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) क्या है?

रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ है – किसी भी वैश्विक शक्ति समूह के दबाव में आए बिना राष्ट्रीय हितों के अनुसार स्वतंत्र विदेश नीति अपनाना।

  • स्वतंत्र निर्णय क्षमता
  • बहुध्रुवीय विश्व में संतुलित संबंध
  • राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

🔹 भारत की संतुलित कूटनीति

  • अमेरिका के साथ तकनीकी और रक्षा सहयोग
  • रूस के साथ ऊर्जा एवं रक्षा संबंध
  • यूरोप के साथ व्यापार साझेदारी
  • ग्लोबल साउथ देशों के साथ विकास सहयोग

भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान संतुलित रुख अपनाया — न तो पूर्ण समर्थन, न ही खुला विरोध — बल्कि संवाद और शांति की अपील।


🔹 ग्लोबल साउथ के लिए भारत का संदेश

  • विकास आधारित साझेदारी
  • ऋण संकट समाधान पर सहयोग
  • जलवायु न्याय की मांग
  • वैश्विक संस्थानों में सुधार

🔹 बहुध्रुवीय विश्व में भारत की भूमिका

  • पश्चिम और पूर्व के बीच सेतु
  • विकासशील देशों की आवाज
  • लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन
  • नवाचार और तकनीकी साझेदारी

🔹 चुनौतियाँ

  • महाशक्तियों का दबाव
  • चीन का बढ़ता प्रभाव
  • क्षेत्रीय संघर्ष
  • आर्थिक असमानता

🎯 परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • रणनीतिक स्वायत्तता = स्वतंत्र विदेश नीति
  • भारत = संतुलित बहुध्रुवीय शक्ति
  • ग्लोबल साउथ = विकास + न्याय आधारित व्यवस्था

 संभावित प्रश्न

  • रणनीतिक स्वायत्तता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए भारत की भूमिका का विश्लेषण करें।
  • भारत कैसे बहुध्रुवीय विश्व में संतुलन स्थापित कर रहा है?

 Published by Shaktimatha Learning
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