विशेष विषय – सहकारी संघवाद
Page 4 – 20 अंक का पूर्ण Mains मॉडल उत्तर
28 February 2026 | Hindi Edition
प्रश्न:
“भारतीय संघीय ढांचे में सहकारी संघवाद की भूमिका का विश्लेषण कीजिए तथा इसकी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।” (20 अंक)
1️⃣ प्रस्तावना
भारत का संविधान एक संघीय ढांचे को अपनाता है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया है। सहकारी संघवाद वह सिद्धांत है जिसमें केंद्र और राज्य सहयोग एवं समन्वय के माध्यम से शासन करते हैं।
2️⃣ सहकारी संघवाद की भूमिका
- नीतियों के समन्वित क्रियान्वयन में सहायता
- वित्तीय संसाधनों का संतुलित वितरण (वित्त आयोग, GST परिषद)
- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना
- राज्यों की विकास योजनाओं में सक्रिय भागीदारी
संस्थागत उदाहरण:
- जीएसटी परिषद
- नीति आयोग
- अंतर-राज्य परिषद
3️⃣ प्रमुख चुनौतियाँ
- राजनीतिक मतभेद और दलगत संघर्ष
- वित्तीय असमानता
- राज्यपाल की भूमिका को लेकर विवाद
- केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग पर आरोप
4️⃣ निष्कर्ष
सहकारी संघवाद भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। संवैधानिक प्रावधानों के साथ-साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति और विश्वास निर्माण इसकी सफलता के लिए अनिवार्य हैं।
केंद्र और राज्यों के बीच संवाद, पारदर्शिता और साझेदारी ही भारत को एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ा सकती है।
Special Topic | Cooperative Federalism | Page 4 | 20 Marks Model Answer
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