डेली करंट अफेयर्स – 2 मार्च 2026
पेज 5 – वैश्विक संपादकीय एवं रणनीतिक विश्लेषण
🧭 वैश्विक परिदृश्य: संक्रमण का दौर
विश्व व्यवस्था वर्तमान में एक संक्रमणकालीन चरण से गुजर रही है। एकध्रुवीय प्रभुत्व से बहुध्रुवीय शक्ति संतुलन की ओर परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अधिक जटिल बना रहा है।
प्रतिस्पर्धा बनाम सहयोग
जहाँ एक ओर महाशक्तियाँ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में लगी हैं, वहीं दूसरी ओर जलवायु परिवर्तन, वैश्विक महामारी और आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दे सहयोग की अनिवार्यता को रेखांकित करते हैं।
- रणनीतिक अविश्वास में वृद्धि
- आर्थिक परस्पर निर्भरता बनी हुई
- क्षेत्रीय संघर्षों की संभावना
विकासशील देशों की चुनौती
उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह समय अवसर और जोखिम दोनों लेकर आया है। उन्हें संतुलित विदेश नीति और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
भारत की रणनीतिक दिशा
भारत की नीति "रणनीतिक स्वायत्तता" पर आधारित है। भारत बहुपक्षीय मंचों पर शांति, संवाद और समावेशी विकास का समर्थन करता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण (UPSC / State PSC)
बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका और चुनौतियों का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।
अंतिम संदेश
21वीं सदी की वैश्विक राजनीति केवल शक्ति संतुलन का खेल नहीं है, बल्कि स्थिरता, सहयोग और सतत विकास के संतुलन का भी प्रश्न है।
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