डेली करंट अफेयर्स – 2 मार्च 2026
पेज 2 – वैश्विक संकट में भारत की रणनीतिक स्थिति
1️⃣ भारत की संतुलित विदेश नीति
वैश्विक तनाव की स्थिति में भारत संतुलित और बहु-संरेखीय (Multi-alignment) नीति अपनाता है। भारत न तो किसी एक गुट के साथ पूर्ण रूप से जुड़ता है और न ही टकराव की राजनीति को बढ़ावा देता है।
2️⃣ ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हित
पश्चिम एशिया में अस्थिरता भारत की ऊर्जा आयात आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकती है। भारत तेल आपूर्ति के विविधीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान बढ़ा रहा है।
- रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार
- रूस, अमेरिका, पश्चिम एशिया से संतुलित आयात
- ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन
3️⃣ रक्षा और समुद्री रणनीति
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रियता बढ़ रही है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है।
- इंडो-पैसिफिक सहयोग
- नौसैनिक अभ्यास
- रणनीतिक साझेदारियाँ
4️⃣ वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका
भारत G20, BRICS और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर संवाद, शांति और विकास आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण (UPSC / State PSC)
वैश्विक शक्ति संतुलन में परिवर्तन के संदर्भ में भारत की बहु-संरेखीय विदेश नीति का विश्लेषण करें।
रणनीतिक निष्कर्ष
भारत का उद्देश्य है – रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए वैश्विक संकट को अवसर में बदलना।
अगला: पेज 3 – वैश्विक आर्थिक एवं बाजार प्रभाव
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