विशेष विषय – ईरान की राजनीतिक प्रणाली पृष्ठ 1 – संस्थागत ढांचा और सर्वोच्च नेता
1️⃣ ईरान का राजनीतिक पृष्ठभूमि
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था 1979 के इस्लामी क्रांति के बाद से अस्तित्व में है, जिसमें धार्मिक और लोकतांत्रिक तत्वों का समन्वय है। हालाँकि राष्ट्रपति और संसद (मजलिस) चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं, बल्कि सत्ता की उच्चतम संरचना धार्मिक नेतृत्व के नियंत्रण में रहती है। 0
2️⃣ सर्वोच्च नेता (Supreme Leader)
ईरान के संविधान के अनुसार सर्वोच्च नेता राज्य का सर्वोच्च सत्ता-धारी होता है। यह पद शासन की सर्वोच्च दिशा और नीति का निर्धारण करता है। सर्वोच्च नेता विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की निगरानी करता है। 1
- ⚖ सर्वोच्च नीतियाँ निर्धारित करता है
- 🪖 सशस्त्र बलों और IRGC पर नियंत्रण
- 📺 मीडिया और न्यायपालिका की नियुक्तियाँ
- 🛡️ विदेश नीति और सुरक्षा ढांचे पर अंतिम निर्णय
3️⃣ गार्जियन काउंसिल (Guardian Council)
गार्जियन काउंसिल ईरान की संवैधानिक संस्था है, जिसमें 12 सदस्य होते हैं। आधा सदस्य सुप्रीम नेता द्वारा नियुक्त होते हैं, जबकि बाकी न्यायपालिका द्वारा नामांकित और संसद द्वारा अनुमोदित होते हैं। 2
- 🗳️ संविधान और इस्लामी कानून के अनुरूप चुनावों की निगरानी
- ✔ प्रत्याशियों (राष्ट्रपति, संसद, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) की मंज़ूरी या अस्वीकृति
- 📜 संसद द्वारा पारित कानूनों की समीक्षा और निरस्तीकरण
इस प्रकार गार्जियन काउंसिल राजनीतिक प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर व्यापक प्रभाव रखती है। 3
4️⃣ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (Assembly of Experts)
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स 88 सदस्यीय धर्मी निकाय है, जो संविधान के अनुसार सर्वोच्च नेता का चयन और निरीक्षण करने का दायित्व रखती है। 4
वे सीधे चुने जाते हैं, लेकिन प्रत्याशी गार्जियन काउंसिल द्वारा स्वीकृत होने चाहिए। असेंबली संविधान के अनुच्छेद 107 तथा 111 के तहतleader का चयन करती है और यदि आवश्यक हो तो उन्हें पद से मुक्त भी कर सकती है। 5
📚 परीक्षा दृष्टिकोण
- ✔ ईरान की राजनीतिक संरचना की विशेषताएँ समझाएँ।
- ✔ सर्वोच्च नेता की भूमिका का विश्लेषण करें।
- ✔ गार्जियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के कार्य स्पष्ट करें।
- ✔ ईरान की प्रणाली को लोकतांत्रिक या धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में वर्गीकृत करने पर विचार करें।
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