युवा और गणतंत्र
गणतंत्र दिवस विशेष | जनता के नाम संदेश
हर देश अपने युवाओं को भविष्य कहता है।
लेकिन सच्चाई यह है कि युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान भी हैं।
किसी गणतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा विद्रोह नहीं, उदासीनता है।
आज कई युवा कहते हैं—
“राजनीति में मेरी रुचि नहीं है।” “कुछ भी बदलने वाला नहीं।” “मैं अपने जीवन तक सीमित रहूँगा।”
लेकिन जब युवा पीछे हटते हैं, तब निर्णय उनकी आवाज़ के बिना लिए जाते हैं।
चुप्पी स्वतंत्रता की रक्षा नहीं करती।
जागरूक होना नारे लगाने का नाम नहीं है।
इसका अर्थ है— मुद्दों को समझना, सत्ता से प्रश्न करना, और न्याय के पक्ष में खड़ा होना।
गणतंत्र अतीत की ऊर्जा से नहीं, वर्तमान के साहस से जीवित रहता है।
युवाओं की भागीदारी कोई विकल्प नहीं है।
यह लोकतंत्र, गरिमा, और विविधता की रक्षा के लिए अनिवार्य है।
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