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Wednesday, 18 February 2026

 

 विशेष विषय – भारत और ग्लोबल साउथ नेतृत्व
📘 Page 5 – विजन 2047 एवं भविष्य की दिशा


🔹 प्रस्तावना

भारत 2047 तक “विकसित भारत” बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। यह केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की जिम्मेदारी भी है। ग्लोबल साउथ के संदर्भ में भारत का विजन न्यायसंगत, समावेशी और संतुलित विश्व व्यवस्था स्थापित करना है।


🔹 विजन 2047 के प्रमुख स्तंभ

  • आर्थिक शक्ति: 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना
  • तकनीकी आत्मनिर्भरता: सेमीकंडक्टर, AI, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
  • हरित विकास: नेट-जीरो लक्ष्य 2070, हरित ऊर्जा नेतृत्व
  • सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा
  • कूटनीतिक नेतृत्व: वैश्विक संस्थागत सुधार की अगुवाई

🔹 ग्लोबल साउथ के लिए भारत का रोडमैप

  • विकास वित्त सहयोग
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना साझा करना
  • स्वास्थ्य और वैक्सीन कूटनीति
  • जलवायु न्याय की वकालत
  • संयुक्त राष्ट्र सुधार के लिए गठबंधन

🔹 भारत के सामने प्रमुख चुनौतियाँ

  • चीन के साथ प्रतिस्पर्धा
  • वैश्विक आर्थिक अस्थिरता
  • भू-राजनीतिक संघर्ष
  • आंतरिक विकास असमानताएँ

🔹 अवसर

  • युवा जनसंख्या (Demographic Dividend)
  • तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था
  • विश्वसनीय लोकतांत्रिक छवि
  • ग्लोबल साउथ में विश्वास

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण

  • निबंध – “21वीं सदी में भारत का वैश्विक नेतृत्व”
  • GS-2 – वैश्विक शासन सुधार
  • GS-3 – आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता

 संभावित 20 अंक का प्रश्न

“विजन 2047 के संदर्भ में भारत ग्लोबल साउथ के नेतृत्व को किस प्रकार सशक्त बना सकता है?” विश्लेषण कीजिए।


 निष्कर्ष

यदि भारत समावेशी विकास, तकनीकी नवाचार और संतुलित कूटनीति को अपनाता है, तो वह न केवल विकसित राष्ट्र बनेगा बल्कि ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज को सशक्त बनाते हुए 21वीं सदी की नई विश्व व्यवस्था के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।


🌿Published by Shaktimatha Learning
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