विशेष विषय – ईरान की राजनीतिक प्रणाली पृष्ठ 2 – गार्जियन काउंसिल, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स एवं IRGC
1️⃣ गार्जियन काउंसिल (Guardian Council) – चुनावी नियंत्रण तंत्र
गार्जियन काउंसिल ईरान की सबसे प्रभावशाली संवैधानिक संस्थाओं में से एक है। इसमें कुल 12 सदस्य होते हैं:
- ✔ 6 सदस्य सर्वोच्च नेता द्वारा नियुक्त
- ✔ 6 सदस्य न्यायपालिका द्वारा नामांकित और संसद द्वारा अनुमोदित
मुख्य कार्य:
- संसद (मजलिस) द्वारा पारित विधेयकों की समीक्षा
- 🗳 राष्ट्रपति, संसद और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के उम्मीदवारों की जाँच
- 📜 यह सुनिश्चित करना कि कानून संविधान और इस्लामी सिद्धांतों के अनुरूप हों
इस प्रकार, गार्जियन काउंसिल चुनावी प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाला मुख्य संस्थागत तंत्र है।
2️⃣ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (Assembly of Experts)
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स 88 सदस्यीय धार्मिक निकाय है, जिसका मुख्य कार्य सर्वोच्च नेता का चयन करना और उनके कार्यों की निगरानी करना है।
- ✔ सर्वोच्च नेता का चयन
- ✔ आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पद से हटाने की शक्ति
- ✔ नेतृत्व की संवैधानिक वैधता सुनिश्चित करना
हालाँकि व्यवहार में यह संस्था अक्सर सर्वोच्च नेतृत्व के साथ सामंजस्यपूर्ण भूमिका निभाती है।
3️⃣ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
IRGC की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद की गई थी। इसका उद्देश्य इस्लामी गणराज्य की रक्षा करना और आंतरिक तथा बाहरी खतरों से सुरक्षा प्रदान करना है।
- 🪖 नियमित सेना से अलग विशेष बल
- 🌍 क्षेत्रीय प्रभाव (विशेषकर मध्य-पूर्व में)
- 💼 आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभाव
- ⚔ सर्वोच्च नेता के प्रति प्रत्यक्ष निष्ठा
IRGC की उपस्थिति सर्वोच्च नेता की शक्ति को और अधिक सुदृढ़ करती है।
4️⃣ शक्ति संरचना का विश्लेषण
ईरान की राजनीतिक संरचना में सर्वोच्च नेता, गार्जियन काउंसिल, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स और IRGC परस्पर जुड़े हुए हैं। यह प्रणाली धार्मिक वैधता और सुरक्षा संस्थानों के माध्यम से राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करती है।
📚 परीक्षा दृष्टिकोण
✔ गार्जियन काउंसिल की भूमिका का विश्लेषण करें।
✔ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की संवैधानिक शक्तियों का वर्णन करें।
✔ IRGC के राजनीतिक महत्व की व्याख्या करें।
✔ ईरान की शक्ति संरचना को “नियंत्रित लोकतंत्र” क्यों कहा जाता है?
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