विशेष विषय
उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था – पेज 3
भारत की ग्रैंड स्ट्रैटेजी
1️⃣ रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy)
भारत की विदेश नीति का मूल आधार रणनीतिक स्वायत्तता है। भारत किसी एक शक्ति ब्लॉक का हिस्सा बनने के बजाय हित-आधारित सहयोग को प्राथमिकता देता है।
2️⃣ बहु-संरेखीय कूटनीति (Multi-Alignment)
भारत विभिन्न वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
- बहुपक्षीय मंचों में नेतृत्व
- क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारियाँ
- आर्थिक और तकनीकी सहयोग
3️⃣ समुद्री और इंडो-पैसिफिक रणनीति
हिंद महासागर क्षेत्र भारत की रणनीतिक प्राथमिकता है। समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
4️⃣ आर्थिक शक्ति के रूप में उभरना
आर्थिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता भारत की दीर्घकालिक ग्रैंड स्ट्रैटेजी का मुख्य आधार है।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था
- निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण
- हरित ऊर्जा निवेश
5️⃣ वैश्विक दक्षिण की आवाज
भारत स्वयं को वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जहाँ विकास, समानता और न्याय पर बल दिया जाता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण (UPSC / Essay)
बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत की ग्रैंड स्ट्रैटेजी का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।
रणनीतिक निष्कर्ष
भारत की ग्रैंड स्ट्रैटेजी संतुलन, स्वायत्तता और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। 21वीं सदी में भारत की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
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